रविवार दोपहर दिल्ली में महसूस किए गए भूकंप के झटकों से भले ही जानमाल की कोई हानि नहीं हुई हो लेकिन धरती के भीतर हुई इस हलचल ने एक बार फिर लोगों को डरा दिया है। स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब हमें इस बात का पता चलता है कि भवन निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया जाता है और न ही सरकारी एजेंसियों को इस बात की फिक्र है। भूकंप खतरे की ²ष्टि से दिल्ली जोन चार के अंतर्गत आता है। खतरे के लिहाज से हिमालय व तराई क्षेत्र के बाद यह दूसरा सर्वाधिक संवेदनशील जोन कहा जाता है। ऐसे में यहां खतरे को कम करने के उपायों पर अधिक जोर होने चाहिए।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/2MCVyUE
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