देश में जब लोकतंत्र के महापर्व की शोर हर ओर है तो भला कला-संस्कृति का विख्यात केंद्र मंडी हाउस इससे कैसे अछूता रहे। मानवीय संवेदनाएं चिताएं और विचार यहां नाट्य मंचों पर आकार ले लेते हैं। कैनवस में रंग लिए उभर आते हैं।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city http://bit.ly/2KLvfQc
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