संजीव गुप्ता नई दिल्ली सरकारी स्तर पर भले ही हर साल दिल्ली में लाखों पौधे रोपे जा रहे हों और हरित क्षेत्र में भी इजाफा हो रहा हो लेकिन पर्यावरणविदों का साफ कहना है कि हरित क्षेत्र ही नहीं वन क्षेत्र को भी बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। कार्बन डाई ऑक्साइड को ग्रहण करने के लिए वन क्षेत्र का होना जरूरी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ क्लाइमेट चेंज एंड ससस्टेनेबिलिटी के मानद निदेशक प्रो सी आर बाबू कहते हैं कि यह एकदम सत्य है कि हरित क्षेत्र बढऩे के बावजूद हरियाली घट रही है। दरअसल हो रहा है कि हरियाली को बढ़ाने के नाम पर हमेशा पौधरोपण होता रहा है जबकि पर्यावरण संतुलन के लिए वन क्षेत्र को बढ़ाना आवश्यक है। वृक्ष ही वह ऑक्सीजन छोड़ते हैं जो जीवन जीने के लिए प्राण वायु होती है। वृक्ष ही बढिय़ा मानसून में मददगार साबित होते हैं।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/2VL43UL
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