पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह कैब मालिकों से संपर्क कर नौकरी करता है। नौकरी मिलने के बाद वह मौका मिलने पर कार को मो. साबिर व भगत सिंह के हाथों बेच देता था। ये दोनों कार के पूर्जे अलग अलग कर उसे ठिकाना लगा देते थे।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/3jdauKK
via IFTTT
No comments:
Post a Comment