महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना ने बताया कि पिछले एक महीने से लोगों की लगातार मदद में जुटे होने की वजह से उनकी दिनचर्या बिगड़ गई है। समय न खाने व सोने के कारण वह मानसिक तनाव की शिकार हो गईं। इस दौरान उन्हें काउंसलिंग की मदद लेनी पड़ी।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/2Sj1VES
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