शिक्षाविदों के मुताबिक सीबीएसई ने स्कूलों को साप तौर पर पारदर्शिता रखते हुए अंकों को माडरेट करने और अंकों को मनमाने तौर पर न बढ़ाने को कहा था। इन सब के बावजूद इस साल दोगुना बढ़ा ये आंकड़ा शीर्ष कालेजों में कड़ी प्रतिस्पर्धा और उच्च कट-आफ का संकेत है।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/3zT0sW3
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