प्रकृति ने सबको कुछ न कुछ विशेष दिया है और लेखकों को तीन योग्यताएं संवेदनशीलता परकाया प्रवेश और अभिव्यक्ति की विशेष क्षमता प्रदान की है। इन्हीं विशेष योग्यताओं के कारण वह स्व से अन्य को जोड़ता है और दूसरे की वेदना का प्रवक्ता बन जाता है।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/3CkOrKc
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