आरोप है कि निगम के अधिकारियों ने नोएडा टोल ब्रिज कंपनी से निगम के महापौर और स्थायी समिति से अग्रिम मंजूरी तो ले ली थी। वर्ष 2017 में हुई मंजूरी के बाद निगम के स्थायी समिति और सदन से इसको मंजूर नहीं किया गया।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/3c5J4DJ
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