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Friday, January 25, 2019

Birth Day Special, Cheteshwar Pujara: रंगीन क्रिकेट से दूर 'दीवार' जैसा भरोसा!

आज के दिन से ठीक एक साल पहले यानी टीम इंडिया जोहानसबर्ग में साउथ अफ्रीका दौरे का तीसरा और आखिरी टेस्ट खेल रही थी. इस टेस्ट के दूसरे ही दिन यानी 25 जनवरी, 2018 को चेतेश्वर पुजारा का जन्म दिन, टीम के होटल  में सेलीब्रेट किया गया. पुजारा के उस 30 जन्मदिन से लेकर आज 31 वें जन्मदिन के बीच के इस एक साल में पुजारा का करियर में  इतना इतना कुछ बदल चुका है कि सौराष्ट्र के इस बल्लेबाज के लिए यह 31 वां जन्मदिन अब यादगार बन गया है. साल भर में बदला बहुत कुछ साल भर पहले यानी साउथ अफ्रीका के दौरे पर पुजारा बेहद नाकाम रहे थे. इसके बाद अफगानिस्तान खिलाफ खेले गए गए इकलौते टेस्ट में भी वह कुछ कमाल नहीं दिखा सके. पांच टेस्ट मैचों के इंग्लैंड दौरे से पहले पुजारा के बल्ले से महज 135 रन ही निकले थे. पुजारा की इस खराब फॉर्म के मद्देनजर उन्हें इंग्लैंड दौरे के पहले टेस्ट से ड्रॉप करके केएल राहुल को प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई. यही वह वक्त था जब पुजारा को साबित करना था कि फॉर्म अस्थायी होती है और क्लास परमानेंट. बर्मिंघम टेस्ट में पुजारा को ड्रॉप किया जाना और फिर उनका भारत को ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत का हीरो बनना यह साबित करता है कि पुजारा को टीम इंडिया की नई दीवार कहकर उनकी राहुल द्रविड़ से तुलना यूंही नहीं की जाती है. ऐतिहासिक जीत के हीरो पुजारा ने इस दौरे पर चार टेस्ट मैचों की सात पारियों में 74.43 की बेमिसाल औसत से 521 रन बनाए जिसमें तीन शतक शामिल है. इल परे दौरे पर पुजारा ठीक वैसे ही विकेट के सामने दीवार की तरह अड़े रहे जैसे राहुल द्रविड़ अड़ा करते थे. राहुल द्रविड़ के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद सबसे बड़ी चिंता तीसरी पोजिशन पर बल्लेबाजी करने वाले उस खिलाड़ी को खोजने की थी जो भारतीय बैटिंग लाइन अप में फिट हो सके. इस पोजिशन के लिए ठोस बल्लेबाजी करने वाले पुजारा को आजमाया गया और उन्होंने काफी हद तक निराश भी नहीं किया. पुजारा की बैटिंग का अंदाज आज के ताबड़-तोड़ क्रिकेट से बिलकुल जुदा है लेकिन टेस्ट क्रिकेट में वह कितने कारगर है यह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर साबित हो चुका है. 25 जनवरी 1988 को जन्मे चेतेश्वर पुजारा ना तो वनडे क्रिकेट में और ना ही टी20 क्रिकेट में भारतीय टीम का हिस्सा हैं. ना ही कोई आईपीएल की टीम इन्हें अपने साथ रखने में दिलचस्पी दिखाती है लेकिन इस के बावजूद वह अपनी ठोस बल्लेबाजी के चलते भारतीय क्रिकेट के मजबूत स्तंभ बने हुए हैं. टेस्ट क्रिकेट में 68 मैचों में 51.19 की बेमिसाल औसत से 5426 रन बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा अब तक 18 शतक और 20 अर्द्धशतक जड़ चुके हैं. पुजारा के नाम तीन दोहरे शतक हैं. भारतीय टेस्ट टीम की इस ‘नई दीवार’ फर्स्टपोस्ट हिंदी की ओर से जन्मदिन की शुभकामनाएं.

from Latest News स्पोर्ट्स Firstpost Hindi http://bit.ly/2RdDlPt

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