अंबिका कहती हैं कि मधुबनी चित्रकला उनकी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। इसे उन्होंने कहीं से सीखा नहीं बल्कि बचपन से ही अपनी दादी नानी और मां को देखकर विरासत में पाया है। मधुबनी कला में पांच विशिष्ट शैली जैसे भर्णी कच्छनी तांत्रिक गोदा और कोहबर शामिल हैं।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/3uxycH8
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