श्रीरामकिंकर विचार मिशन के अध्यक्ष संत श्री मैथिलीशरण जी महाराज ने कहा कि कृपा और पुरुषार्थ जीवनरूपी वाहन के दो पहिए होते हैं। जीवन के किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति किसी एक के माध्यम से नहीं की जा सकती।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/sXvyCDT
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