बुराई पर अच्छाई सत्य की असत्य पर जीत के रूप में मनाते हैं हम दशहरा। हमारे पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम कहते थे कि हम अपना भविष्य नहीं बदल सकते लेकिन अपनी बुरी आदतों को जरूर परिवर्तित कर सकते हैं।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/2YIAhEB
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